सलाम करता चलूं!
खूश्बू जैसे शब्द खिले हैं.
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Friday, November 20, 2009
एक लडकी
एक लडकी
सूरज की पहली किरण जैसी
धरती पे उतरती है
और
टूटकर दूर तक
बिखर जाती है,
पहली बार
किसी चीज का
टूटना
और
बिखर जाना
बुरा नहीं लगता.
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