खूश्बू जैसे शब्द खिले हैं.
ऋतुराज जी,बहुत ही अच्छी उपमाओं में सिमटा हुआ लड़की का जीवनचक्र आँखों के सामने से गुजर गया।एक अच्छी रचना के लिये बधाईयाँ,सादर,मुकेश कुमार तिवारी
एक अच्छी रचना के लिये बधाईयाँ,
कम शब्दों में बहुत सुन्दर कविता।बहुत सुन्दर रचना । आभार ढेर सारी शुभकामनायें.SANJAY KUMAR http://sanjaybhaskar.blogspot.com
kya baat hai
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4 comments:
ऋतुराज जी,
बहुत ही अच्छी उपमाओं में सिमटा हुआ लड़की का जीवनचक्र आँखों के सामने से गुजर गया।
एक अच्छी रचना के लिये बधाईयाँ,
सादर,
मुकेश कुमार तिवारी
एक अच्छी रचना के लिये बधाईयाँ,
कम शब्दों में बहुत सुन्दर कविता।
बहुत सुन्दर रचना । आभार
ढेर सारी शुभकामनायें.
SANJAY KUMAR
http://sanjaybhaskar.blogspot.com
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