जरूरत भर की चीजें
होनी चाहिये
ज़िन्दगी में,
एक घर या कमरा
कमरे में एक तरफ लगी हो
दादी की तस्वीर, गणेश जी की मूर्ति
अगरबत्ती का पैकेट, माचिस
एक स्वादिष्ट रसोईघर
एक घडा, दो गिलास
एक कलम, कुछ किताबें,
एक छोटी कुर्सी, एक टेबल
पुराना फोटो अलबम
स्टैन्ड वाला फोटो फ्रेम
छोटा सा बगीचा
एक अमरूद का पेड
कुछ सुखे पत्ते, एक तोता
एक प्यारा सा छत, पानी की टंकी
एक गमला
छत के ऊपर बडा सा आसमान
आसमान में चमकता सूरज
तारों की बारात,
चंदा मामा
पडोस में बिट्टू का घर
एक तालाब, तालाब में मछली
एक सायकल
स्कूल, एक मास्टर जी
बांस की एक छडी
गांव के किसी मोड पे खोमचेवाला
एक चवन्नी,
कुछ पैसे,
सर्दी, गर्मी, बारिश, धूप
राजा-रानी की कहानी
एक भूत,
यार-दोस्त
दो-तीन पुराने खत,
खत में नीचे लिखा हो
सिर्फ़ तुम्हारी,
और
मां.
4 comments:
very good and touching poem.
My best wishes.
dr.bhoopendra
आह!! काश!! इतना कुछ मिल जाये!
ghar ki khushbu hai
ghar ki yaadein hai
aur aapna bachpan yaad dilati hai
yeh poem
gud hai bhai
Last tak padhte padhte main na jane kahan kho gaya aur jab apne apko normal kiya to paya aankh me aansu tha.
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