बिल्कुल छोटी सी,
उस छोटी सी दुनियां में
दो-तीन चांद होंगे
और
एकाध सूरज,
एक छोटा सा जंगल
जिसमें चन्दन के कई सारे पेड होंगे,
एक भरा-पूरा इत्र का कुआं
हरा-भरा खेत
मकई की बालियां,
हर मंगलवार
खुश्बू का बाज़ार लगेगा,
एक हंसी का साहूकार होगा,
हर सुबह
मुर्गी की बांग से हम उठेंगे
मुर्गी की बांग से हम उठेंगे
और नींदें सोयेगी,
तुम होगे
और हम
और
अपनी छोटी सी दुनियां में,
हैप्पीनेस का बैंक होगा
जिसमें हम अकाउंट खोलेंगे.
बिल्कुल छोटी सी दुनियां होगी.
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