Thursday, December 31, 2009

नया साल, बूढी चांद.

नया साल.
वही पुराना सूरज, पीली धूप
बूढी चांद, थकेली चान्दनी
एक्वागार्ड से निकला पानी
ईटों का कब्र, मकान
रिश्तों में मीलों के फ़ासले
हरी घास, घिस चुके गुलाब
पापी पेट का रोना
बुजूर्ग ख्वाहिशें, मकान, गाडी, अच्छी नौकरी
टी.वी, फ़्रिज, वाशिंग मशीन
ठेकों पे लम्बी भीड
हथियारों का खेल, अमेरिका, रुस, चीन, भारत
मन्दिर, मस्जिद, चर्च
इन्डिया गेट, कोहरे की किताब दिल्ली
प्यार के लफ़्ज 'आई लव यू'
वही तेरा-मेरा
वही रंग, हिन्दू, मुसलमान, यहूदी, ईसाई
वही धूल से सने संदेश, 'हैप्पी न्यू इयर'
नया साल २०१०.

2 comments:

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये !

संगीता पुरी said...

बढिया रचना .. आपके और आपके परिवार के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो !!