Tuesday, January 26, 2010

..तो नज़र आना सिर्फ़ तुम.

मेरी करवटों में सोना,
धडकनों में होना,
आहटों में आना,
मेरे होठों से कहना,
आंखों से बहना,
पलकों से झपकना,
मेरी माथे पे चमकना,
खुशियों में चहकना,
नशे में बहकना,
मेरी सुबह में उतरना,
शाम में ढलना,
रात में बदलना,
मेरी रगों में चलना,
किसी भोर उठके
आंख मलते हुए
जब आईना देखूं
तो नज़र आना
तुम.

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