गले से सुरमई गीत
ऐसी कोई टैबलेट खिलाई जाये,
चेहरे पे निखार आये
कोई निशां न हो
ऐसी फ़ेयरनेस क्रीम लगाई जाये,
रहे मज़बूत सालों तक
हड्डियां सलामत रहे
अच्छे ब्रांड की च्यवनप्राश दी जाये,
मूंछ बडी-बडी हो लम्बी
सूट-बूट में लगे गंवार
ऐसे सजाया जाये
बालों में तेल
गालों में लाली हो
ऐसी शानदार मालिश की जाये
कील-पेंच हथौडे से ठोक-ठेठा कर
कसौटी पे कसना होगा
ये जो मिली थी न
साठ साल पहले आज़ादी
आज़ादी की मरम्म्त करनी होगी.
1 comment:
आजादी को भी रेक्टीफाई करने की जरुरत हैं .बहुत ही रोचक रचना .
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