Friday, December 4, 2009

विग्यापन

घरों की दीवारों
मकानों की चबूतरों
गली, मोहल्ले
कस्बों की मोड पे
हर तरफ
लगा है, एक लुभावना खिलौना
सटा है, एक खूबसूरत तस्वीर
और नीचे लिखी है
दो-चार
मीठी-मीठी बातें
हर जगह
बाज़ार फैल रहा है अब.

1 comment:

Udan Tashtari said...

सो तो है...

बढ़िया रचना!!