१.
धूप की सरकार गिर गईसूरज नज़रबंद हुआ है
मौसम का दिल है जला
कोहरे की धुंआ है.
२.
बदन पें बूंदें
जुबां से कोहरे की सांस छोडती है
बर्फ़ीले मौसम में
पुराने रिश्ते उभर रहे है
शिमला की मैसेरी बहन निकली, दिल्ली.
३.
अलाव जलाये रास्तों पे
आग से दोस्ती कर लें
कोहरे की खाट खडी हो
चलो,
प्याली में चांद पीया जाये.
४.
शाम से रात तक,
रात से सुबह तक की चेकों पे
कोहरों की दस्तखत है, दिल्ली.
3 comments:
सुन्दर शब्द चित्रण!!
सुंदर शब्दों से सुसज्जित रचना
sundar..
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