तुम्हारे लिये तारों की बारात आ सकती है,
फूलों से खूश्बू,
हवायें सा रे गा मा गा सकती है,
तुम्हारे वास्ते बातों की कई किताबें छप जाये,
बारिश की पानी से कौफ़ी बन सकती है,
सारी रातें, सारे दिन तुम्हारे नाम हो सकते हैं,
छोटी टोकरी में सूरज समा सकता है,
सर्दी तुमसे कोसों दूर रह सकती है,
सांस के चप्पे-चप्पे पे तुम दस्तखत कर सकते हो,
नसों में तुम्हारे नाम का लहू दौड सकता है,
तुम्हारे लिये जां भी चली जाये,
तुम प्यार क्यों नहीं करते?
1 comment:
hmmmmm......
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