तेरा इतना तो रहम हो मुझ पर
खुदा का नाम तेरे बाद आये
तेरा इतना तो करम हो मुझ पर
वो दीवार गिरे जो तुमने उठाये हैं
वो आग बुझे जो तुमने लगाये हैं
किसी दिन बारिश हो इस वीराने में
आंखों से इतनी रमझम हो मुझ पर
वो अपने घर में, मैं मैकदे में रहूं
तकदीर इतनी तो बेरहम हो मुझ पर
2 comments:
bahut hi sundar bhav.
Lovely...
Post a Comment